हाथ देखने की विधि

हाथ देखने और दिखने की विधि !
यु  तो हाथ कभी भी देखा जा सकता है,लेकिन इसके लिय श्रो उत्तम समय प्रातः कॉल का होता है,हाथ दिखने से पहले भोजन और नास्ता भी नहीं करना चाहिए,मेरा ऐसा अनुभव है भोजन के बाद रक्त का परवाह तेज हो जाता है,जिसकी वजह से हाथ में माइक्रो रेखाएं नजर नहीं आती है!हाथ दिखने से पहले हाथ दिखने वाले को स्वछ स्नान किया हुवा होना जरुरी है,ज्यादा खाने के बाद व्यव्याम के बाद ,और काम करते करते अचानक हाथ दिखाना भी सही नहीं माना जा सकता !शराब पि कर कोई भी नशा करके या असहज  अव्यस्था में हाथ दिखाने नहीं जाना चाहिए !
ऐसी प्रकार हाथ देखने वाले के लिय भी नियम है !
जिस समय क्रोध की अव्यस्था हो ,या कोई परेशानी में हो ,किसी का भी हाथ नहीं देखना चाहिए ! हाथ देखते समय मरतु जैसी घटना का जिक्र नहीं करना चाहिए! हाथ देखते वजह मन में शत्रु या मित्रता का भाव नहीं आना चाहिए,हाथ देख कर जब पूर्ण रूप से आप संतुस्ट है तब ही फल कथन करना चाहिए ,फल कथन करते समय हाथ में उसका आकर ,पर्वत ,उंगलिया ,अंगूठा,मुख्य रेखाएं ,सूक्ष्म रेखाएं,अति सूक्षम रेखाएं ,चक्र्र संख तम्बू आदि सभी प्रकार के निसानो का बर्रीकी से अध्यन करना जरुरी है !

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